प्रतिभा और हौसला

हमारे खिलाड़ी (Athlete Profiles)

सहमति एवं गरिमा के साथ प्रदर्शित हमारे होनहार पैरा-एथलीट्स

प्रियंका
डिस्कस थ्रो

स्तर: National Level

कोच: Chief Athletics Coach

उपलब्धि: नेशनल लेवल पर चार बार गोल्ड मेडलिस्ट

संघर्ष से सफलता तक प्रियंका बिश्नोई का सफर डिस्कस थ्रो और शॉट पुट थ्रो में अपनी प्रतिभा से बनाई पहचान, देश के लिए पदक जीतने का सपना जोधपुर। जीवन में कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो कठिन परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय अपने हौसले से नई राह बनाते हैं। उनकी सफलता केवल पदकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा बन जाती है, जो चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। पैरा एथलीट प्रियंका बिश्नोई की कहानी भी संघर्ष, मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी है। प्रियंका बिश्नोई पैरा-एथलेटिक्स में डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) और शॉट पुट थ्रो (गोला फेंक) की खिलाड़ी हैं। इन दोनों स्पर्धाओं में वे निरंतर अभ्यास और मेहनत के बल पर अपनी प्रतिभा को निखार रही हैं। उनके लिए खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं को साबित करने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने का एक सशक्त रास्ता है। हर अभ्यास के पीछे छिपा है संघर्ष एक दिव्यांग खिलाड़ी के लिए खेल के मैदान तक पहुँचना और वहाँ अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता। नियमित अभ्यास, उपयुक्त खेल सामग्री, प्रशिक्षित कोच, पौष्टिक भोजन और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर जुटाना कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है। डिस्कस थ्रो और शॉट पुट थ्रो जैसी स्पर्धाओं में तकनीक, संतुलन, शारीरिक क्षमता, एकाग्रता और निरंतर अभ्यास की विशेष भूमिका होती है। प्रत्येक अभ्यास खिलाड़ी को अपनी तकनीक सुधारने, प्रदर्शन बेहतर बनाने और अपने लक्ष्य के करीब पहुँचने का अवसर देता है। प्रियंका बिश्नोई भी अपनी मेहनत और समर्पण के माध्यम से खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उनकी यात्रा इस बात का संदेश देती है कि प्रतिभा को सही प्रशिक्षण, आवश्यक संसाधन और प्रोत्साहन मिले, तो कठिनाइयों के बीच भी सफलता की राह बनाई जा सकती है। पदकों में चमकती है मेहनत और लगन प्रियंका बिश्नोई ने पैरा-एथलेटिक्स में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वे राष्ट्रीय स्तर पर चार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। खेलो इंडिया प्रतियोगिता में उन्होंने दो स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। इसके अतिरिक्त, ओपन इंटरनेशनल डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया है। ये उपलब्धियाँ उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं। डिस्कस थ्रो और शॉट पुट थ्रो में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए निरंतर अभ्यास और तकनीक में सुधार आवश्यक है। प्रियंका का सफर अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। प्रतिभा दिव्यांग सेवा संस्थान दे रहा है आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रतिभा दिव्यांग सेवा संस्थान, जोधपुर दिव्यांग बच्चों और खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें खेलों के माध्यम से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। संस्थान का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण, खेल सामग्री, पौष्टिक भोजन और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हों, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। प्रियंका बिश्नोई जैसी खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए समाज का सहयोग भी आवश्यक है। डिस्कस थ्रो और शॉट पुट थ्रो के अभ्यास हेतु उपयुक्त उपकरण, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास की सुविधाएँ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समाज के सहयोग से साकार होंगे सपने दिव्यांग खिलाड़ियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम नहीं होती; इसमें परिवार, प्रशिक्षकों, संस्थाओं और समाज के सहयोग का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। यदि खिलाड़ियों को समय पर आवश्यक संसाधन और अवसर मिलें, तो वे अपनी प्रतिभा को और बेहतर तरीके से निखार सकते हैं। प्रियंका बिश्नोई की उपलब्धियाँ हमें यह संदेश देती हैं कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की प्रतिभा और सपनों की सीमा निर्धारित नहीं करती। सही अवसर, निरंतर मेहनत और समाज का सहयोग जीवन की दिशा बदल सकते हैं। आज आवश्यकता है कि प्रियंका जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाए, उनके प्रशिक्षण में सहयोग दिया जाए और उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। उनका लक्ष्य डिस्कस थ्रो और शॉट पुट थ्रो में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना तथा देश का नाम रोशन करना है। प्रियंका बिश्नोई की कहानी हमें सिखाती है कि हौसले बुलंद हों और मेहनत निरंतर जारी रहे, तो संघर्ष भी सफलता की सीढ़ी बन सकता है। — प्रतिभा दिव्यांग सेवा संस्थान, जोधपुर

अधिकृत खिलाड़ी
पूजा (पैरा-एथलीट)
डिस्कस थ्रो

स्तर: National Level

कोच: Chief Athletics Coach

डिस्कस थ्रो एवं शॉट पुट में समर्पित अभ्यास। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन।

अधिकृत खिलाड़ी